गाँड़ा भाई जागौ जी, मोर गाँड़ा भाई जागौ ग,
रेंगत नईये घिसलत नईये, गाड़ी समाज के सजाव ग
गाँड़ा भाई जागौ जी, मोर गाँड़ा भाई जागौ ग,
नोनी बाबू दादी दादू जागे, खुद पढ़व कुटुम्ब पढाव ग |
महतारी मन आघू आवा, घूँघट के तोपना ल टोरा
बेंड़ी बड़ बजूर व्यवस्था के, शिक्षा के फरसा म फोरव ग
माता लईका के पहिली गुरु, ये भेद के बात ल जानव ग
चेलिक सियान अब आघू आवा, धुरा समाज के धारव ग
भूले भटके मोर जात सगा, खूँटहर रद्दा चतावारव ग
रखवारी अब तुँहर जिम्मेदारी , एके छानी सब ल राखव ग | मोर ......
बुजरुग जुन्ना मुड़ जिद छोड़ा , नवा खून ल आघू आवन दव
दुत्कार के चिखना अबड़ चीखेन, सम्मान के सवाद ल पावन दव
होस सियानी जोस जवानी , सझियारा मेवा पागव ग | मोर ....
तुलसी चौंरा जौंरा भौंरा, तोर डहर निहारत गढ़ गौरा
तोर दया मया पारस पिरती, पन पुरखा के कुलपे किरती
जुम्मट होके सब जुर मिल के, ओ किरती आज उघारव ग | मोर...
मोर छत्तीसगढ़ के शिरोधनी, तोर अनिज बनिज तोर कनी मनी
मोर गाँव कोट के कोटवार , मोर खेत खार के मुक्तियार
तोर संग तोर परिहा परजा हे , तोर मुड़ समाज के करजा हे
ओई करजा के अंधियारी म, करतब के बाती बारव ग | मोर ....
अपनेच कह के अतका दिन ले, जो हमर पेट ल काटिन हे
हमर बाँटा अव हिस्सा ल, जो कुकुर बरोबर चाटिन हे
ओई कुकूर जूठा चटोइया के, थोथना म मुटका मारव ग | मोर ...
बाजा बिंदरा ल बजाये म, ये जग बैरी हिन मान करै
छोड़व अपमान के गठरी ल, अपनावा जेम्मा सम्मान मिलै
अब किसिम किसिम के काम बुता, अलगे पहचान बनावव ग | मोर ...
गजेन्द्र+लखन चौहान